अरुण माथुर. जोधपुर
अच्छी पुस्तकें हमारी सर्वश्रेष्ठ धरोहर है जिसे बचाये रखना हम सब का दायित्व है। यह उद्गार साहित्यकार सुनील कुमार माथुर ने शोभावतों की ढाणी, पालरोड में आयोजित एक पुस्तक प्रर्दशनी में व्यक्त किये । माथुर ने कहा कि इंटरनेट के जमाने में आज लोग पुस्तकों से दूरी बनायें हुए हैं जो उचित नहीं हैं । उन्होंने कहा कि पुस्तकें ज्ञान की भूख मिटाती हैं, वहीं दूसरी ओर पुस्तकों की गहराई में जाने पर अपार आनन्द की प्राप्ति होती है । इस अवसर पर रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि पुस्तकें अच्छे विचारों का संकलन होती है और वे हमें सही मायने में जीना सीखाती हैं । इतना ही नहीं अकेलेपन में पुस्तकें ही हमारी सर्वश्रेष्ठ मित्र हैं जिसे नकारा नहीं जा सकता।
