खेती में ड्रिप सिचांई प्रणाली से फलदार, फूलों एवंं सब्जियों की खेती में उपयोगी योजना है
सोहनलाल वैष्णव. बोरुन्दा (जोधपुर)
उद्यानिकी विभाग की वर्ष 2024-25 में फर्टीगेशन व आँटोमेशन योजना में किसान लाभ प्राप्त कर सकते है। जो किसान ड्रिप सिंचाई को खेती में उपयोग करते साथ ही माईक्रो इरीगेशन में आँटोमेशन का लाभ लेना चाहते तो राज किसान साथी पोर्टल पर आवेदन कर सकते है। जिले में सभी श्रेणी के किसान लाभ प्राप्त कर सकेगे।आँटोमेशन के लिए 163 व फर्टीगेशन हेतु 100 किसान श्रेणी अनुसार लाभान्वित का कुल लक्ष्य है। कृषक श्रेणीवार लक्ष्य अनुरूप लाभान्वित किया जायेगा। आँटोमेशन हेतु जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आज विज्ञान का वर्चस्व है।
कृषि क्षेत्र में भी दिन-प्रतिदिन नवीन तकनीकी के नवाचारों के परिणामस्वरुप उत्पादन की गुणवत्ता में वृद्धि के साथ साथ नवीन पीढी को भी आकर्षित किया जा सकता है।राज्य में सीमित जल संसाधन के दक्षतम उपयोग के मध्यनजर राज्य सरकार द्धारा बूंद-बूंद सिचांई संयत्रों व संरक्षित खेती के प्रोत्साहन पर अत्यधिक ध्यान केन्द्रित किया है। विभिन्न स्टेकहोल्डर्स में जागरूकता तथा तकनीकी प्रोत्साहन पर अनुदान राशि का प्रावधान किया जाकर उक्त तकनीक के प्रति किसानों का रूझान बढ़ाया जाना अहमं लक्ष्य है। राज्य में ड्रिप सिंचाई पद्धति की उत्तरोतर, वृद्धि, कृषक रूझान, उच्च तकनीकी की उद्यानिकी मांग तथा ड्रिप सिंचाई पद्धति पर आर्दश उत्पादकता एवंं गुणवत्ता प्राप्त करने के लिए इस तकनीकी का स्वचालन यानी ऑटोमेशन की महत्त्व की आवश्यकता है। ड्रिप सिचांई तकनीक से फर्टीगेशन का लाभ होता है। फर्टीगेशन तकनीकी से फसल को वांछित पोषक तत्व की आपूर्ति ड्रिप सिचांई प्रणाली के माध्यम से सिचांई के साथ जल विलेयक उर्वरक, तरल उर्वरक सीधे ही पौधों के जड़ो में जाने का फायदा होता है। फर्टीगेशन व आँटोमेशन पर अनुदान दिया जायेगा। किसान राजकिसान साथी पोर्टल पर आँनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। आवेदन हेतु जन आधार, भूमि स्वामित्व, सिचांई स्त्रोत, मृदा व जल परीक्षण रिपोर्ट इत्यादि। फर्टीगेशन का अनुदान संस्तुलित फसलों की खेती पर ही देय है। आँटोमेशन सूक्ष्म सिचांई के माध्यम से सिचांई पर संरक्षित खेती व खुली खेती दोनो पर है। हाईटेक उद्यानिकी खेती सब्जी, फूल, फल-बगीचे अन्य फसल जो ड्रिप संयत्रों पर लि जा रही हो। जिले का इच्छुक कोई भी किसान इन योजना में आवेदन कर सकते है।वही सहायक कृषि अधिकारी रफीक अहमद कुरैशी ने इन योजनाओं में लाभान्वित होने को लेकर किसानों में विस्तार से चर्चा की।
