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Saturday, April 5, 2025, 5:11 am

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नारी के बिना सब अधूरा है : डॉ. प्रियंका वैद्य

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रामस्वरूप गणेशी देवी राजकीय बालिका सीनियर सैकंडरी स्कूल में राखी पुरोहित और नीलम व्यास का एकल काव्य पाठ आयोजित, छात्राओं को महिला दिवस का महत्व बताया

डीके पुरोहित. जोधपुर 

डॉ. प्रियंका वैद्य ने कहा कि महिला दिवस हर दिन होता है। आज विशेष दिन है। महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने का दिन हैं। महिलाओं के संघर्षों को याद करने, विजय गाथाओं को याद करने और चुनौतियों से निपटने में उसकी क्षमताओं को रेखांकित करने का दिन है। वे शनिवार को गणेशी देवी राजकीय बालिका सीनियर सैकंडरी स्कूल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राखी पुरोहित और नीलम व्यास के एकल काव्य पाठ समारोह में विशेष उद्बोधन दे रहीं थीं। कार्यक्रम तेरापंथ महिला मंडल सरदारपुरा की ओर से आयोजित किया गया।

उन्होंने कहा कि नारी के बगैर सब कुछ अधूरा है। सीता के बगैर राम अधूरे हैं। राधा-रुक्मणि के बगैर कृष्ण अधूरे हैं। पार्वती के बगैर शिव अधूरे हैं। दरअसल नारी के बगैर कुछ भी संभव नहीं हैं। नारी आगे आने वाली रोशनी है। देश और समाज की ताकत भी नारी ही है। महिलाओं ने जब-जब ठाना है इतिहास बदल गया है। किरण बेदी, रानी लक्ष्मीबाई, कल्पना चावला सब नारी ही हैं। आज की छात्राएं कल की महिलाएं होंगी। आज की छात्राएं कल आईपीएस, आईएएस, डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक बनेंगी। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आप कहां से आती हैं, महत्वपूर्ण यह है कि आपको कहां जाना है। आप गरीब घर से हो सकती है, पर महत्वपूर्ण यह है कि आपने अपने आपको कहां तक पहुंचाया है। आपकी पहचान आपके कार्यों से होती हैं।

नारी को कमजोर ना मानें : दिलखुश तातेड़

कार्यक्रम के आरंभ में स्वागत भाषण देते हुए मंडल की अध्यक्ष दिलखुश तातेड़ ने कहा कि आज की नारी किसी भी दृष्टि से कमजोर नहीं हैं। इसलिए नारी को कमजोर ना मानें। नारी में अपार क्षमताएं हैं। हर क्षेत्र में नारी ने अपने को साबित किया है। नारी गरजती है तो इतिहास बदल देती है। तातेड़ ने राखी पुरोहित और नीलम व्यास का स्वागत किया। इस मौके पर तेरापंथ की महिलाओं ने स्वर धारा कार्यक्रम के तहत प्रेरक गीत प्रस्तुत किया। महिलाओं ने- बनकर हम सूरज की किरणें युगधारा में प्राण भरें…आओ बहनो, जागो बहनों…गीत सुनाकर छात्राओं और सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के आरंभ में संगीता जीरावला और जया जीरावला ने राखी पुरोहित और नीलम व्यास का दुपट्‌टा ओढ़ाकर सम्मान किया। इस मौके पर मंडल की पदाधिकारियों ने दोनों कवयित्रियों का परिचय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन चेतना घोड़ावत ने किया।

छात्रा नेहा और पिंकी पटेल ने महिला समानता पर जोर दिया

इस मौके पर स्कूल की छात्रा नेहा और पिंकी पटेल ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज महिलाओं के साथ समानता का व्यवहार करने की जरूरत है। महिलाओं को सीता और पार्वती मानने की बजाय उन्हें बराबरी का दर्जा देने की जरूरत है। छात्राओं ने कहा कि महिलाओं को दया की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे आने का माहौल देना चाहिए। महिलाएं दया की नहीं बराबर का हक मांगती है।

राखी ने अबोली के बोल के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या रोकने पर जोर दिया

इस मौके पर राखी पुरोहित ने कहा कि उन्होंने अखबारों में पढ़ा था कि जैसलमेर के किसी गांव में सौ साल बाद बारात आई थी। इस गांव में कन्या का जन्म होते ही या कोख में ही मार दिया जाता था। इस वजह से गांव में एक भी कन्या नहीं थी और पूरे सौ साल बाद कन्या की शादी हुई और गांव में बारात आई थी। यह स्थिति समाज में अब बदल रही है। बदलनी भी चाहिए। नारी को समानता का दर्जा मिल रहा है। आज की नारी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। अब नारी को पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं है। फिर भी समाज में यदा-कदा कन्या भ्रूण हत्या जारी है। अबोली के बोल कविता के माध्यम से राखी पुरोहित ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बच्चियों को पढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अक्सर कहा करते थे कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ…इसलिए हमें बेटियों को बचाने और बेटियों को पढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए। बेटियां बचेगी तो ही सृष्टि का जीवन चक्र चलता रहेगा। उन्होंने अपनी कुछ प्रतिनिधि कविताएं भी सुनाईं। साथ ही उन्होंने दिलीप पुरोहित की बाल कविता बेटी ने पूछा मां से भी सुनाई।

बच्चियां भगवान का रूप होती है : नीलम व्यास

इस मौके पर नीलम व्यास ने कहा कि बच्चियां भगवान का रूप होती है। बच्चों को उन्होंने अपनी कविताएं समर्पित की। नीलम व्यास ने कहा कि बच्चियां समाज और परिवार की धुरी होती है। जिन घरों में बेटियां होती है, वे परिवार भाग्यशाली होते हैं। बेटियों से ही संसार गतिमान होता है। बेटा और बेटियों के बीच भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। नीलम व्यास ने दो प्रेरक गीत सुनाए। इन गीतों के माध्यम से उन्होंने बेटियों को प्रगति पथ पर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। गीतों में मानव चेतना और शिक्षा को आत्मसात करने का आह्वान किया गया। नीलम व्यास ने कहा कि पढ़ लिखकर ही बेटियां समाज और देश का नाम रोशन कर सकती हैं। बेटियों को पढ़ना चाहिए और खूब तरक्की करनी चाहिए।

तेरापंथ महिला मंडल ने स्कूल को ठंडे पानी की मशीन भेंट की

तेरापंथ महिला मंडल ने स्कूल को ठंडे पानी की मशीन भेंट की। मशीन का उद्घाटन राखी पुरोहित और नीलम व्यास ने फीता काटकर किया। इस मौके पर तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष दिलखुश तातेड़, मंत्री चेतना घोड़ावत, कोषाध्यक्ष चंद्रा जीरावला, प्रचार मंत्री जया जीरावला, संगठन मंत्री सविता तातेड़, सदस्य संगीता जीरावला, सदस्य उषा वैद्य, सदस्य ज्योति सिंघवी, तेरापंथ सभा के उपाध्यक्ष दिनेश कोठारी, तेरापंथ युवक परिषद के मंत्री देव तातेड़, रामस्वरूप गणेशी देवी राजकीय बालिका सीनियर सैकंडरी स्कूल के प्रिंसिपल देवेंद्र कुमार सोनी, वंदना शर्मा सहित छात्राएं मौजूद थीं।

 

Rising Bhaskar
Author: Rising Bhaskar


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