जलदाय विभाग क्लोजर से निपटने के लिए तैयार नहीं, जिले में हाहाकार मचना तय
जैसलमेर से ओम जी. बिस्सा की विशेष रिपोर्ट
जैसलमेर, जिसे स्वर्णनगरी कहा जाता है, आने वाले दिनों में गंभीर पेयजल संकट से जूझ सकता है। इंदिरा गांधी नहर में 26 मार्च से 27 मई तक क्लोजर लगाया जा रहा है, जिससे जलापूर्ति प्रभावित होगी। इस अवधि में 30 दिन तक आंशिक जलापूर्ति होगी, जबकि 30 दिन तक पूरी तरह से जल आपूर्ति बंद रहेगी। यह स्थिति शहरवासियों के लिए चिंता का विषय है, खासकर तब जब गर्मी तेजी से बढ़ रही है और जल की मांग बढ़ने वाली है।
भीतरी इलाकों और कच्ची बस्तियों में विकट हालात
जैसलमेर के भीतरी इलाकों में रहने वाले लोगों के पास लंबे समय तक पानी का भंडारण करने की सुविधा नहीं है। पानी की किल्लत के कारण आम जनता को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। वहीं, कच्ची बस्तियों में हालात और भी खराब होंगे। इन क्षेत्रों में पहले से ही पानी की आपूर्ति सीमित होती है, और नहर क्लोजर के दौरान यहां जल संकट विकराल रूप ले सकता है। जल के बिना जीवन संभव नहीं और इस स्थिति में “जल में मीन प्यासी” की कहावत चरितार्थ होगी।
गर्मी के साथ बढ़ेगी परेशानी
गर्मी का मौसम आते ही जैसलमेर में जल संकट गहराने लगता है। तापमान बढ़ने के साथ पानी की मांग में वृद्धि होती है, लेकिन जल स्रोतों की उपलब्धता घटती जाती है। इस बार नहर क्लोजर के कारण हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। अगर समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो शहर में हाहाकार मचना तय है। प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता, नगरपालिका, जलदाय विभाग और प्रशासन भी इस संकट के लिए जिम्मेदार है। वर्षों से जल संकट की समस्या बनी हुई है, लेकिन इसे दूर करने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई जा रही है। जनप्रतिनिधि भी इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। हर साल गर्मी में जल संकट उत्पन्न होता है, लेकिन समाधान के नाम पर केवल अस्थायी व्यवस्थाएं की जाती हैं। हर वर्ष होने वाली इस विकट समस्या से निपटने के लिए प्रशासन को तुरंत प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है साथ ही पेयजल टैंकरों की व्यवस्था प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अलावा वैकल्पिक जल स्रोत: नलकूप (ट्यूबवेल), कुएं और जलाशयों को भी साफ करके उपयोग में लाया जा सकता है।
जल संरक्षण अभियान
जनता को पानी बचाने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। आपातकालीन जल आपूर्ति योजना होनी चाहिए। संकटग्रस्त इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए विशेष योजना बनाकर भी इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। नहर क्लोजर की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना होगा। अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दो महीनों में जैसलमेर के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस सकते हैं। प्रशासन को जल्द से जल्द इस संकट का समाधान निकालना होगा ताकि जनता को राहत मिल सके।
