Explore

Search

Friday, July 10, 2026, 3:23 am

Friday, July 10, 2026, 3:23 am

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle

महिला काव्य मंच शारजाह इकाई ने ‘इबादत और भक्ति’ विषय पर सुनाई अनेक रचनाएं

केबी व्यास ने मन की पवित्रता पर सुनाई कविता, 30 सदस्यों ने लिया कार्यक्रम में भाग
नूपुर दुबे की दुबई से विशेष रिपोर्ट

महिला काव्य मंच शारजाह इकाई मिडिल ईस्ट की ओर से रमजान के पावन माह में इफ्तार गोष्ठी आयोजित की गई। इकाई की अध्यक्ष मधुलिका मोहता के आवास पर आयोजित इस गोष्ठी की थीम थी “इबादत और भक्ति”। इस खास आयोजन में महिला काव्य मंच की शारजाह और दुबई इकाई के लगभग 30 सदस्यों और काव्य में रूचि रखने वाले मित्रों और परिजनों ने भी बतौर श्रोता मौजूदगी दर्ज करते हुए इस महफिल में चार चांद लगाए।

दुबई के ख्यात चिकित्सक डॉ. अनिल सक्सेना मुख्य अतिथि थे। अरूण तिवारी विशिष्ट अतिथि थे। महिला काव्य मंच की विदेश उपाध्यक्ष एवं प्रभारी मिडिल ईस्ट स्नेहा देव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्जवलन और सीमा उपाध्ये द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात मधुलिका मोहता ने महिला काव्य मंच के गठन और प्रारंभ से लेकर अब तक की यात्रा पर प्रकाश डाला। इसके बाद कविता, शाइरी, गीत, गजल का ऐसा मोहक दौर प्रारंभ हुआ, जिसने उपस्थित जनों को भाव-विभोर कर दिया। सदस्यों की कविताओं में अल्लाह की नेमत, रोज़ो का संयम, व्रत की साधना, शिव-पार्वती का प्रेम, यशोदा का वात्सल्य, लक्ष्मीजी की दृष्टि से लेकर मन के तहखानों में कैद कई भावों को अभिव्यक्ति मिली। प्रारंभ दुबई से देवयानी रानी की कविता से हुआ, उन्होंने मां पर कविता सुनाई। इसके बाद वरिष्ठ कवि अमृत बिसारिया ने कविता की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सीमा उपाध्ये ने कबीरदास द्वारा लिखित चदरिया झीनी रे झीनी गीत प्रस्तुत किया। शब्बीर मुनव्वर ने रमजान माह के बारे में जानकारी दी और खुदा की नेमत को दर्शाता हुआ गीत प्रस्तुत किया। फ़रीद अहमद ने खूबसूरत शाइरी की प्रस्तुति दी। कौसर भुट्टो ने अपनी मीठी आवाज से सभी का दिल जीत लिया, वहीं निशा गिरि की क्षणिकाओं ने भी खूब तालियां बटोरी। आलोक शर्मा ने ‘जागो मोहन प्यारे’, राग भैरव की मधुर प्रस्तुति दी। कुलभूषण व्यास की कविता ने मन की पवित्रता और काया के भीतर छुपे आत्मतत्व के महत्व को दर्शाती हुई कविता को अभिव्यक्ति दी।

महिला काव्य मंच पर पहली बार पधारे कवि विकास अरोरा की कविता ‘दफा 302’ ने श्रोताओं की खूब प्रशंसा बटोरी। वरिष्ठ कवि नितिन उपाध्ये ने कृष्ण भगवान पर रचित गीत ‘कृष्णा कृष्णा’ सुनाया। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता कुसुम दत्ता ने अपनी पसंदीदा कविताएं पढ़ीं। मुख्य अतिथि डॉ. अनिल सक्सेना ने लाजवाब हाइकू पेश किये, जिसमें कभी जीवन दर्शन था तो जीवन की विसंगतियों पर कटाक्ष, कही मासूम बचपन की कोई याद थी तो कही बडप्पन के द्वंद। विशिष्ट अतिथी अरूण तिवारी ने जॉन एलिया की मशहूर शाइरी सुनाई। इसके बाद शारजाह इकाई की उपाध्यक्ष नुपूर दुबे और अध्यक्ष मधुलिका मोहता ने अपनी कविताएं सुनाई। मकाम की विदेश उपाध्यक्ष स्नेहा देव की गहरी और सार्थक कविता के साथ इस महफ़िल का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन मधुलिका मोहता और नूपुर दुबे ने किया। काव्य संध्या के समापन के बाद सभी ने इफ्तार की दावत का आनंद लिया। मोहता परिवार के आतिथ्य और लजीज व्यंजनों का स्वाद लेने के बाद, कार्यक्रम की लुभावनी यादों के साथ सभी ने विदा ली।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor