जो बाइडेन को पसंद नहीं करने वाली पूंजीवादी ताकतों ने रची गहरी साजिश, बाइडेन के खाने-पीने की चीजों में मिलाई जा रही थी घातक दवाइयां, जिसका उनके दिमाग पर गहरा असर पड़ा
वाशिंगटन से ओम गौड़ की विशेष रिपोर्ट
इस वक्त की हम आपको सबसे बड़ी खबर बताने जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की दौड से जो बाइडेन अपनी खराब सेहत को देखते हुए हट भले ही गए हैं, मगर इसके पीछे गहरी साजिश रची जा रही थी। ये साजिश पिछले एक साल से रची जा रही थी और छह महीने में जो बाइडेन पूरी तरह इस साजिश की गिरफ्त में आ गए। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन अल्कोहल और नशे से बचते रहे हैं। मगर उन्हें खाने-पीने की चीजों में खतरनाक दवाइयां मिलाकर दी जा रही थी जिसका उनके दिमाग पर गहरा असर पड़ा है और वे सोचने-समझने की क्षमता धीरे-धीरे खो रहे हैं। ये साजिश वहां के पूंजीपतियों ने रची है क्योंकि जो बाइडेन अपनी खास नीतियों की वजह से पूंजीवादी ताकतों की आंखों में खटक रहे थे।
गौरतलब है कि अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में जो बाइडेन को कभी-कभी गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स बीमारी के लक्षण बताए थे। उन्हें सीने में जलन व दर्द और खट्टी डकार के साथ खाना मुंह में वापस आने की शिकायत भी रही है। साल 1988 में बाइडेन को ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद उसी साल उनकी ब्रेन सर्जरी हुई थी। साल 2014 में उन्होंने सीटी एंजियोग्राम इसलिए कराया कि कहीं अब उन्हें ये खतरा है या ये टल गया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि अब उन्हें दोबारा ब्रेन हेमरेज का खतरा नहीं है। इसके अलावा जो बाइडेन सीजनल एलर्जी से पूरे जीवनभर परेशान रहे हैं। उनकी इन्ही कमजोरियों काे देखते हुए उन्हें पसंद नहीं करने वाली पूंजीवादी ताकतों ने जो बाइडेन के आसपास के लोगों को हायर कर लिया और उन्हें खाने-पीने की चीजों में ऐसी दवाइयां खिलाई गई जिससे उनका दिमाग पर असर हुआ। उल्लेखनीय है कि पिछले छह महीनों में जो बाइडेन की दिमागी हालत बहुत खराब हो गई है और इसके लिए उनका उम्र दराज होना जिम्मेदार नहीं है बल्कि उन्हें खाने-पीने की चीजों में ऐसा कुछ खिलाया जा रहा था जो उनकी सेहत के लिए घातक था। यही वजह है कि जो बाइडेन पिछले छह महीने में अपनी निर्णय क्षमता खो चुके हैं और दिमाग संतुलन गड़बड़ा जाने से अप्रत्याशित व्यवहार करने लगे हैं।
जो बाइडेन भले ही 81 साल से ज्यादा के हो गए हैं, लेकिन ढाई-तीन साल पहले तक न तो उन्हें हाई ब्लड प्रेशर था और ना ही डायबिटीज समेत किसी अन्य बीमारी से घिरे रहे। फिर अचानक छह महीनों में ऐसा क्या हुआ कि वे दिमागी तौर पर कमजोर हो गए? वे अपनी सेहत को स्वस्थ रखने के लिए नियमों का बराबर पालन करते रहे हैं। जो बाइडेन के नाश्ते की बात करें तो ग्रीक योगर्ट और फ्रूट जूस लेते रहे हैं। वो लंच में प्रोटीन डाइट लेते रहे हैं और मछली उन्हें पसंद है। साथ ही वो सलाद भी खाते हैं। इन सबके अलावा आइसक्रीम, पास्ता और रेड सॉस खाना पसंद है। हालांकि, ये सब उनकी रोज की डाइट में शामिल नहीं है। लेकिन कुल मिलाकर जो बाइडेन उन्हीं चीजों का सेवन करते हैं, जो उनकी हेल्थ के लिए फायदेमंद होती हैं। लेकिन उनकी खाने-पीने की चीजों में ऐसी खतरनाक दवाइयां मिलाई जा रही थी जिसका सीधा-सीधा असर दिमाग पर पड़ता है। इस साजिश का खुलासा हुआ है। अमेरिका के एक एनजीओ ने एक विशेष खोजी रिपोर्ट तैयार की है। इस एनजीओ ने अपना नाम और पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि जो बाइडेन के साथ उन्हें पसंद नहीं करने वाली पूंजीवादी ताकतों ने गहरी साजिश रची है ताकि खराब सेहत के ग्राउंड पर उन्हें राष्ट्रपति पद की दौड़ से हटाया जा सके। जो बाइडेन न तो अल्कोहल लेते हैं और न ही किसी तरह के तंबाकू उत्पाद का सेवन करते हैं। दिसंबर 2019 में डॉक्टर केविन को कॉनर ने जो बाइडेन की हेल्थ रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक जो बाइडेन अल्कोहल, तंबाकू और इससे जुड़े हुए किसी भी उत्पाद का इस्तेमाल नहीं करते हैं। यहां आपको बता दें कि जो बाइडेन की हेल्थ रिपोर्ट जारी करने वाले डॉक्टर केविन साल 2009 में बाइडेन के पर्सनल फिजिशियन रहे हैं। जो बाइडेन हर रोज सुबह व्यायाम करते हैं और ये उनके दिनभर का सबसे जरूरी हिस्सा होता है। वो सुबह आठ बजे बिस्तर से उठ जाते हैं, जिसके बाद वो अपने घर में बने जिम में ही वर्कआउट करते हैं। वो हफ्ते में पांच दिन वर्कआउट करते हैं। जो बाइडेन वर्कआउट के दौरान ट्रेडमिल की तरह ही दिखने वाली पेलोटेन बाइक और रोविंग मशीन का प्रयोग खासतौर पर करते हैं। जो बाइडेन पेलोटेन बाइक को सबसे अच्छा व्यायाम मानते हैं। उन्होंने लॉकडाउन में सबसे ज्यादा यही वर्कआउट किया था।
जो बाइडेन की जान को खतरा
जो बाइडेन की जान को भी खतरा है। उन पर रिसर्च करने वाले एनजीओ का कहना है कि आने वाला समय जो बाइडेन के लिए चुनौती भरा है। वे राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से हट भले ही गए हैं लेकिन उनके दिमाग पर भारी सदमा पहुंचा है। इस एनजीओ का कहना है कि अमेरिका जैसे देश में राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ ऐसी साजिश होना अपने आप में गंभीर विषय है।
