डीके पुरोहित. ढाका
बांग्लादेश में सोमवार को आकाशवाणी होने की खबर है। खबर है कि इस आकाशवाणी में कहा गया है कि तानाशाह सद्ददाम हुसैन तानाशाह देश अमेरिका से बदला लेगा। जो हाल आज बांग्लादेश का है वैसा ही हाल पूंजीवादी तानाशाह अमेरिका का होगा। इस खबर के बाद लौटते हैं 5 जनवरी 2020 की ओर जब डीके पुरोहित के ब्लॉग वर्ल्ड स्ट्रीट में एजेंसी के हवाले से वाशिंगटन डेट लाइन से खबर प्रकाशित होती है जिसमें बताया गया था कि सद्दाम हुसैन का भूत अमेरिका की सड़कों पर देखा गया है। क्या वाकई सद्दाम हुसैन अमेरिका से बदला लेगा? सारी परिस्थितियों पर प्रस्तुत है डीके पुरोहित की एक रिपोर्ट। सबसे पहले 5 जनवरी 2020 को ब्लॉग पर प्रकाशित खबर पर एक दृष्टि। यह खबर ब्लॉग के लिंक diliprakhai.blogspot.com पर देखी जा सकती है।
सद्दाम हुसैन अमेरिका की सड़कों पर घूमता हुआ दिखाई दिया
एजेंसी. वाशिंगटन
मानो या न मानो लेकिन चर्चा यह है कि इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन पिछले पंद्रह दिनों से अमेरिका की सड़कों पर घूमते दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह या तो सद्दाम हुसैन का हमशक्ल है या फिर सद्दाम हुसैन का भूत है। गौरतलब है कि सद्दाम हुसैन को 30 दिसंबर 2006 को फांसी पर लटका दिया गया था। अकस्मात 13 साल बाद उन्हें अमेरिका की सड़कों पर देखा जाना रहस्य रोमांच की तरह नजर आ रहा है। अमेरिका में रहने वाले एक इराकी नागरिक ने तो यहां तक दावा किया है कि सद्दाम हुसैन के हाथ में वो कुरान भी देखी गई जो उसने अपने 26 लीटर खून से लिखवाई थी। वाशिंगटन की एक रोड पर देर रात उन्हें कुरान पढ़ते देखा गया। इस तथ्य की पुष्टि अमेरिका के कुछ अन्य बुजुर्गां ने भी की है।
गौरतलब है कि तानाशाह सद्दाम हुसैन को 30 दिसंबर 2006 को इराक की स्पेशल ट्राइबनल कोर्ट ने पूरी मानवता का अपराधी करार दिया था। उस पर 148 शियाओं के मौत के घाट उतारने का दोष साबित हुआ था। 1982 में सद्दाम हुसैन ने इराकी शहर दुजैल में अपने विरोधियों की हत्या करवाई थी। अमेरिका की सेना ने सद्दाम हुसैन को एक गुफा से पकड़ा था। सद्दाम हुसैन पर अदालती प्रक्रिया चली। जब सद्दाम हुसैन को फांसी की सजा सुनाई गई तो उसने कोर्ट से गुजारिश की थी कि फांसी पर लटकाने की बजाय उसे गोली मार दी जाए। उसका कहना था कि वो इराकी मिलिट्री कमांडर की हैसियत रखता है। मिलिट्री ओहदे की वजह से उसे फांसी पर लटकाने की बजाय गोली मारी जाए। हालांकि कोर्ट ने उसकी अपील ठुकरा दी।
इधर अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में सद्दाम हुसैन को मोबाइल पर संगीत सुनते हुए भी देखा गया है। उन्हें अपना पसंदीदा सिगार पीते हुए भी देखा गया। बुजुर्ग ने बताया कि सद्दाम अपनी फौजी ड्रेस में था। उसके बाल काफी बढ़े हुए थे और सिर पर सेना की टोपी पहने हुई थी। बुजुर्ग का कहना है कि सद्दाम ने किसी से कोई बात नहीं की और कुछ कदम चलने के बाद ओझल हो गए।000
अब आते हैं बांग्लादेश में तख्तापलट की खबरों पर जो विभिन्न साइट पर चल रही है
बांग्लादेश में तख्तापलट : छात्र शिविर के इशारे पर हुआ ये अंजाम
ढाका। बांग्लादेश में तख्ता पलट हो गया है। बांग्लादेश में लंबे समय से सत्ता पर काबिज शेख हसीना को छात्रों के हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बाद सोमवार को देश छोड़कर भागना पड़ा। शेख हसीना बांग्लादेश छोड़कर गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर पहुंच गई हैं। उधर, ये बात सामने आ रही है कि बांग्लादेश की स्थिति के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। देश में हिंसा भड़काने के पीछे छात्र शिविर नामक संगठन का नाम सामने आ रहा है। छात्र शिविर बांग्लादेश में प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी का ही एक हिस्सा है और जमात-ए-इस्लामी को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी का समर्थन प्राप्त है।
शेख हसीना सरकार ने देश में हिंसा को देखते हुए कुछ दिन पहले ही जमात-ए-इस्लामी, उसकी स्टूडेंट यूनियन और अन्य संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार के इस कदम के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी और इसके तमाम संगठन सड़कों पर उतर आए थे। जमात-ए-इस्लामी कट्टरपंथी संगठन है।
खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी- BNP के कार्यवाहक प्रमुख खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की सांठ-गांठ के सबूत बांग्लादेश के अधिकारियों के पास भी थे। जानकारी मिली है कि बांग्लादेश में ऑपरेशन रिजीम चेंज की रूपरेखा लंदन में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर बनाई गई थी। योजना का ब्लूप्रिंट तैयार करने के बाद उसे बांग्लादेश में अंजाम दिया गया। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब में तारिक रहमान और आईएसआई अधिकारियों के बीच बैठकों के सबूत होने का दावा बांग्लादेश के अधिकारी कर रहे थे।
क्या सद्दाम हुसैन का भूत अमेरिका को बर्बाद कर देगा?
अब आते हैं उन तथ्यों पर जो अमेरिका की बर्बादी की कहानी लिख चुके हैं। बांग्लादेश में आकाशवाणी होने पर कुछ लोग विश्वास नहीं कर रहे हैं और इसे महज चाल बताई जा रही है। मगर कई लोगों का कहना है कि उन्होंने यह आकाशवाणी सुनी है। बताया जा रहा है कि सद्दाम हुसैन की आत्मा शिविर में घुसकर यह सब करवा रही है। राइजिंग भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक सद्दाम हुसैन की आत्मा बदला लेने को आतुर है और तानाशाह अमेरिका से बदला लेने के लिए निकल पड़ी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामिक ताकतें मिलकर अमेरिका को नेस्तनाबूद करने के लिए तत्पर है और सद्दाम हुसैन की आत्मा फिर से आ चुकी है।
सवाल : क्या आत्मा होती है?
आत्मा होती है या नहीं होती है? इस पर नासा सहित दुनिया के कई वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। यही नहीं कई बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों में भी आत्मा के होने का दावा किया गया है। आत्माएं बदला लेती है और बर्बादी का मंजर देखने को मिलता है। क्या सद्दाम हुसैन की मौत के बाद उसकी आत्मा फिर से आ चुकी है? क्या सद्दाम हुसैन की आत्मा कोई भी रूप धारण कर सकती है? क्या वह किसी के शरीर में प्रविष्ट हो सकती है? ऐसे कई सवाल है जो उत्तर मांग रहे हैं। राइजिंग भास्कर इस मुद्दे को देश और दुनिया के सामने रख रहा है और अमेरिका को सावधान कर रहा है कि आने वाला समय उसके लिए खतरे से भरा है।
