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Saturday, April 5, 2025, 1:20 am

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Diesel Car खरीदने के सपने पर फिर सकता है पानी, सरकार उठाने जा रही बड़ा कदम, क्या होगा आप पर असर? जानिए

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हाइलाइट्स

पैनल ने सरकार से की डीजल कारों पर बैन लगाने की अपील.
2027 के बाद डीजल कारों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की सिफारिश.
कार्बन एमिशन को कम करने में बड़ा कदम.

Diesel Car Ban: भारत सरकार द्वारा जीरो एमिशन के टारगेट को पूरा करने के लिए जोर-शोर से प्रयास किया जा रहा है. इसके लिए सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों को प्रोत्साहन देने की योजना भी शुरू की है. हालांकि, अब केंद्र सरकार के एक पैनल ने इस संबंध में एक बड़ी और अहम अपील की है. दरअसल, मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस द्वारा गठित एक पैनल ने 2027 से देश में डीजल से चलने वाली कारों पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है.

पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत को 2027 तक डीजल से चलने वाले चार-पहिया वाहनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए. साथ ही, उत्सर्जन में कटौती के लिए दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और प्रदूषित शहरों में इलेक्ट्रिक और गैस-ईंधन वाले वाहनों पर स्विच करना चाहिए.

2070 तक पूरा होगा ये बड़ा टारगेट
आपको बता दें कि भारत ग्रीन हाउस गैसों (Greenhouse Gases) के बड़े उत्सर्जकों में से एक है. अपनी छवि को सुधारने के लिए भारत सरकार ने पेरिस क्लाइमेट एग्रीमेंट के तहत 2070 तक कार्बन न्यूट्रल होने का लक्ष्य रखा है. वहीं यूरोप यह टारगेट भारत से 20 साल पहले, यानी 2050 में ही पूरा करने वाला है.

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डीजल कारों के बंद होने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बड़ा झटका लगेगा.

डीजल बसें भी होंगी बंद
पैनल ने तेल मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी किये गए एक रिपोर्ट में कहा कि भारत को 2024 से डीजल बसों का उपयोग बंद करना चाहिए. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 2030 से ऐसी बसों को परिवहन में शामिल नहीं करना चाहिए जो इलेक्ट्रिक नहीं हैं. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पेट्रोलियम मंत्रालय पूर्व तेल सचिव तरुण कपूर की अध्यक्षता वाली एनर्जी ट्रांजिशन एडवायजरी कमिटी की सिफारिशों को लागू करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी लेगा या नहीं.

पैनल ने कहा कि 2024 से केवल बिजली से चलने वाले डिलीवरी वाहनों को शहरों में पंजीकरण की अनुमति दी जानी चाहिए और कार्गो की आवाजाही के लिए रेलवे और गैस से चलने वाले ट्रकों का अधिक उपयोग पर ध्यान देना चाहिए. रेलवे नेटवर्क के दो से तीन साल में पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होने की उम्मीद है.

ई-वाहनों पर प्रोत्साहन बढ़ाने की अपील
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए, रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार को 31 मार्च से आगे के लिए फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक एंड हाइब्रिड व्हीकल्स स्कीम (FAME) के तहत दिए गए प्रोत्साहनों के “लक्षित विस्तार” पर विचार करना चाहिए. भारत में रिफाइंड ईंधन की खपत का लगभग दो-पांचवां हिस्सा डीजल का है, जिसका 80% परिवहन क्षेत्र में उपयोग किया जाता है.

Tags: Auto News, Cars, Diesel, Electric Car

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Rising Bhaskar
Author: Rising Bhaskar


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