सोहनलाल वैष्णव. बोरुन्दा (जोधपुर)
जोधपुर प्रधान डाकघर में बीट मर्ज करने के बाद से ही पोस्टमैन स्टाफ में रोष व्याप्त है। बीट मर्ज करने बाद से एक पोस्टमैन को 2 पोस्टमैन के बराबर काम करना पड़ रहा है। ऐसे में डाक समय पर वितरीत नहीं हो पा रही है। बार बार प्रशासन से वार्ता करने के बाद भी प्रशासन से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आ रहा है । ऐसे में पोस्टमैन अब हताश और निराश है। सोमवार को ड्यूटी करने से पहले सभी पोस्टमैन स्टाफ ने प्रधान डाकघर के सामने जोर शोर ने नारेबाजी की और अपना विरोध जताया।
सोमवार से 20 वर्षों पहले जितने पद पोस्टमैन के जोधपुर में थे उससे 30 प्रतिशत पद वर्तमान में रिक्त चल रहे है। विगत वर्षों में जोधपुर में बहुत से मकान, शॉपिंग, भवन व दुकानें और कार्यालय बैंक नये बने हैं। जनसंख्या भी पहले की तुलना में काफी अधिक बढ़ी है। ऐसे में पोस्टमैन के पद बढाने चाहिए लेकिन राजस्थान के चीफ पोस्टमास्टर की हठधर्मिता के चलते पद और भी कम कर दिए हैं। सोमवार कचहरी रेजिडेंसी रोड और प्रधान डाक घर में 80 पोस्टमैन पद की जरूरत है, लेकिन विभाग अधिकारी 40 पदों से ही काम करवाने के लिए आमादा है। ऐसे में डाक व्यवस्था बुरी तरीके से बिगड़ गई है। पिछले दिनों से डाक वितरण केन्द्रों को एक जगह सैन्ट्रेलाइजेशन करने के फलस्वरूप आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को प्रधान डाक घर के चक्कर लगाने पड़े रहे हैं। विभाग रिक्त पदों को भरने और बढाने की बजाय पदों को समाप्त करके इस समस्या को और बढा रहा है। सोमवार को प्रदर्शन में अमित गौड़, रिंकु मीणा, भीयाराम, मिसाराम, रावलसिंह, पुसाराम, कैलाश, प्रवेंद्र बारसा, महेश जांगिड़, दीपाराम गहलोत, दीपचंद पुरोहित, घनश्याम वैष्णव, हनुमान राम, महेन्द्र व मुराद खान के साथ प्रधान डाकघर जोधपुर के सभी पोस्ट मैन साथी उपस्थित रहे।
