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Thursday, August 27, 2026, 11:15 am

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Category: Education

अंतरराष्ट्रीय जैन साहित्य संगम-राजस्थान का शपथ-ग्रहण समारोह उदयपुर में 28 को 

राखी पुरोहित. जोधपुर जैन कवि-साहित्यकारों की प्रतिनिधि संस्था अंतरराष्ट्रीय जैन साहित्य संगम की राजस्थान इकाई का शपथ-ग्रहण समारोह उदयपुर में 28 जुलाई को महाप्रज्ञ विहार

आराधिका सारिका भंडारी का बहुमान किया

राखी पुरोहित. जोधपुर तपागच्छ संघ ने अठाई तप आराधिका सारिका भंडारी का बहुमान किया। श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक तपागच्छ संघ के तत्वाधान में जैनाचार्य तपोरत्नसुरी

निफ्ट में केंद्रीय मंत्री ​गजेन्द्र सिंह एवं गिरिराज सिंह करेंगे नवनिर्मित छात्रावासों का उद्घाटन

गजेंद्रसिंह राजपुरोहित. जोधपुर (ग्रामीण) राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के जोधपुर परिसर में नवीन छात्रावास उद्घाटन समारोह में रविवार को केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह

एनआईएफटी के डॉ. मनीष को सर्वभाषा साहित्यकार सम्मान

गजेंद्रसिंह राजपुरोहित. जोधपुर (ग्रामीण) अखिल भारतीय साहित्य परिषद् जोधपुर के तत्वावधान में महर्षि वेदव्यास जयंती के मौके पर सर्वभाषा साहित्यकार सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

विहिप के 60 वर्ष पूर्ण होने पर हुई संगोष्ठी, वक्ता ने कहा भारत अब रामराज्य की बढ़ रहा 

अरुण कुमार माथुर. जोधपुर विश्व हिंदू परिषद के 60 वर्ष पूर्ण होने पर स्थापना दिवस जन्माष्टमी तक षष्टि पूर्ति महोत्सव मनाया जा रहा है ।

पूर्व जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास की भावपूर्ण कविता

(पूर्व जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास की कविताओं में मन के भाव बड़े सही सरल शब्दों में अभिव्यक्त होते हैं लेकिन उसके अर्थ काफी गंभीर होते हैं।

डॉ.एल.सी.जैदिया “जैदि” की 12 गजलें

(डॉ. एल.सी. जैदिया “जैदि” की गजलों में विद्रोह है। शब्दों में आग है। यह व्यवस्थाओं के खिलाफ स्वर मुखर करतीं हैं। साथ ही आपकी गजलों

रहस्यमयी संत पंकजप्रभु का नया खुलासा : पुरुषार्थ केवल दो ही होते हैं- व्यक्त पुरुषार्थ और अव्यक्त पुरुषार्थ, संसार व्यक्त पुरुषार्थ है और श्रीकृष्ण अव्यक्त पुरुषार्थ है

-संत पंकजप्रभु ने धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष नामक चार पुरुषार्थ की थ्योरी का नया रूप दिया, अध्यात्म में जुड़ा एक नया अध्याय डीके पुरोहित. जोधपुर

धरती के शास्त्रों में पुरुषार्थ चार कहें हैं- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष, लेकिन हमारा दावा है कि पुरुषार्थ केवल दो ही होते हैं- व्यक्त पुरुषार्थ और अव्यक्त पुरुषार्थ, संसार व्यक्त पुरुषार्थ है और श्रीकृष्ण अव्यक्त पुरुषार्थ है : पंकजप्रभु 

(प्रख्यात जैन संत परमपूज्य पंकजप्रभु महाराज का चातुर्मास 17 जुलाई से एक अज्ञात स्थान पर अपने आश्रम में शुरू हुआ। पंकजप्रभु अपने चातुर्मास के दौरान

भारतीय संस्कृति और परम्परा का प्रतीक है भगवा ध्वजःहार्दिक

अरुण कुमार माथुर. जोधपुर भगवा ध्वज सदियों से भारतीय संस्कृति और परम्परा का श्रद्धेय प्रतीक रहा है। जब डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का