Explore

Search

Thursday, July 9, 2026, 8:23 pm

Thursday, July 9, 2026, 8:23 pm

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle
Category: Art & Culture

जैसलमेर पुष्करणा समाज का होली स्नेह मिलन अब 7 मार्च को गोविंदम वाटिका में

राखी पुरोहित. जोधपुर जोधपुर में रहने वाले जैसलमेर पुष्करणा समाज का होली स्नेह मिलन जो 28 फरवरी शनिवार को आयोजित होने वाला था, अपरिहार्य कारणों

राजस्थानी भाषा की पहुंच ‘लोक सूं लाइक’ तक

विश्व मातृभाषा दिवस पर ग्यान गोठ : साहित्यकारों को किया पुरस्कृत दिलीप कुमार पुरोहित. श्रीडूंगरगढ़ मरूभूमि शोध संस्थान के तत्वावधान में मातृभाषा दिवस अनेक आयोजनों

श्री महालक्ष्मी माताजी मंदिर फतेहसागर का 50वाँ पाटोत्सव 22 व 23 फरवरी को

राखी पुरोहित. जोधपुर  फतेहसागर स्थित महालक्ष्मी माताजी मंदिर के 50वें पाटोत्सव के दो दिवसीय कार्यक्रम 22 व 23 फरवरी को श्रीमाली ब्राह्मण पंचायत समाज विकास

लेखनी : वरिष्ठ कहानीकार, उपन्यासकार व कवयित्री ऋचा शरद अग्रवाल कल श्रोताओं से रूबरू होंगी

केडी इसरानी. स्वतंत्र पत्रकार. जोधपुर  शहर की साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था लेखनी का द्वैमासिक कार्यक्रम धारा इस बार शहर की वरिष्ठ कहानीकार, उपन्यासकार और कवयित्री

फुलेरा दूज पर्व उल्लास के साथ मनाया

पंकज जांगिड़. जोधपुर  रातानाडा, शिव रोड स्थित श्री सिद्ध नागेश्वर महादेव मंदिर में मंदिर पुजारी ललिता जोशी के सानिध्य में फुलेरा दुज पर्व मंदिर और

फाग के उल्लास में झूमी महिलाएं

केडी इसरानी. स्वतंत्र पत्रकार. जोधपुर  चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 17 में स्थित नंदेश्वर महादेव मंदिर में पूर्व पार्षद सुमन सैन व संतोष पालीवाल के सान्निध्य

अभिव्यक्ति के आसमां पर शब्दों का प्रकाशपुंज…भीड़ से अलग अंशु हर्ष ने बनाई शाश्वत पहचान

परिचय : अंशु हर्ष :  अंशु हर्ष समकालीन हिंदी साहित्य की सक्रिय, बहुआयामी और प्रतिबद्ध रचनाकार हैं। पिछले लगभग 14 वर्षों से वे लेखन और

श्री महालक्ष्मी माताजी मंदिर फतेहसागर के 50वें पाटोत्सव कार्यक्रम का हुआ पोस्टर विमोचन

दो दिवसीय कार्यक्रम 22 व 23 फरवरी को राखी पुरोहित. जोधपुर फतेहसागर स्थित श्री महालक्ष्मी माताजी मंदिर के 50वें पाटोत्सव के दो दिवसीय कार्यक्रम 22

ज्ञानदीप…एक दीप आलोक पर्व का : नीलम व्यास ‘स्वयंसिद्धा’

पुस्तक समीक्षा : कवयित्री सुशीला भंडारी, समीक्षा- नीलम व्यास ‘स्वयंसिद्धा’ इन दिनों सुशीला भंडारी जी की काव्य संग्रह की पहली पुस्तक पढ़ी जिसका शीर्षक है