पूजा अग्रवाल की एक कविता
उनसे हुई मुलाकात… कल का हसीं वाक़ि’आत अच्छा लगा उनसे हुई मुलाकात, अच्छा लगा एक तरफ वो थे, एक तरफ हम आँखों- आँखों में हुए सवालात, अच्छा लगा उनकी एक मुस्कुराहट ने, जख्म भुला दिए सारे मिल गई हो जैसे कायनात अच्छा लगा ख्वाबों में ही करते थे बातें आज आमने-सामने हुई बात, अच्छा लगा … Read more