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Friday, April 4, 2025, 8:42 am

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राजस्थान की संस्कृति की पुनर्व्याख्या समय की जरूरत : डॉ. सुरेन्द्र सोनी

राजस्थान स्थापना दिवस पर राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार समिति की ओर से ‘विरासत और संस्कृति का पर्व : राजस्थान दिवस’ पर विशेष आयोजन राखी पुरोहित. श्रीडूंगरगढ़  राजस्थान स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्र भाषा हिन्दी प्रचार समिति की ओर से आयोजित समारोह में “विरासत और संस्कृति का पर्व : राजस्थान दिवस” विषय पर बोलते हुए राजस्थानी … Read more

राजस्थान थरपणां री 76वीं बरसगांठ पर कमल रंगा रो खास गीत

कमल रंगा, बीकानेर धरती धोरां री ! आ तो अबै घणी सरमावै इण पर लोग चरण नैं आवै इण रौ रूं-रूं पीड़ा पावै धरती धोरां री ! इण री ओळख है धुंधळावै नुगरा-नकटा नीं सरमावै इयां नैं अळावा-टळावां आवै धरती धोरां री ! भासा-संस्कृति नैं अे गावै इण री काया नैं कळपावै खुद नैं फरज … Read more

चेटीचंड उत्सव की शहर में धूम, मधुबन में आयोजित एक समारोह में शामिल हुए भैरवानी

राखी पुरोहित. जोधपुर शहर में चेटीचंड पर्व की धूम है। भगवान झूलेलाल की आराधना दिन भर जारी रही। मधुबन हाउसिंग बोर्ड में आयोजित एक समारोह में श्री जागृति संस्थान के अध्यक्ष राजेश भैरवानी भी शरीक हुए। इस मौके पर उन्होंने मेहरान के नववर्ष अंक और चेटीचंड अंक का विमोचन किया। कार्यक्रम में सिंधी समाज के … Read more

नवसंवत्सर : समृद्धि, वैभव और खुशहाली के आगमन का सनातनी पर्व, गुड़ी पड़वा, चेटीचंड, गौतम ऋषि को भी समर्पित उत्सव

जब चेती (चैत्र) माह की अमावस्या के बाद जब पहली बार चांद दिखाई देता है तो इस दिन को चेटीचंद के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व सिंधी समुदाय का विशेष पर्व है मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि पर भगवान झूलेलाल का जन्म हुआ था। झूलेलाल को वरुण देव, जल का देवता और समुद्र … Read more

चैत्री नवरात्रि : शक्ति-श्रीराम की आराधना का महापर्व, सृष्टि की रचना इसी दिन हुई थी शुरू

…नारी शक्ति के बिना सृष्टि की कल्पना दुर्लभ है। शारदीय नवरात्रि के अंत में दशमी के दिन रावण का पुतला दहन कर दशहरा मनाया जाता है और चैत्र नवरात्रि के नवमी पर राम जी के जन्म दिवस को रामनवमी के रूप में मनाया जाता है।… आलेख : डॉ. सीमा दाधीच, लेखिका और वरिष्ठ स्तंभकार चैत्र … Read more

राजस्थान दिवस पर नाचीज बीकानेरी की कविता

(नाचीज बीकानेरी वरिष्ठ साहित्यकार हैं। आप बीकानेर के निवासी हैं और बीकानेर में रहकर इन दिनों साहित्य साधना कर रहे हैं। आपकी कई रचनाएं राष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही है। आपकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है और कई पुरस्कार मिल चुके हैं। आपने राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में लगातार राइजिंग भास्कर के … Read more

नववर्ष पर शुभकामनाएं देती कविताएं

अनिल भारद्वाज नव संवत्सर बन आना सभी मौसम सभी ऋतुओं को संग ले आना। प्रिये नव संवत्सर बन के मेरे घर आना। बन के सरसों के फूल यादें तेरी आतीं हैं। मुझसे गेहूॅं की बालियों सी लिपट जातीं हैं। अपनी यादों की पालकी में बैठ कर आना, प्रिये नव संवत्सर बन के मेरे घर आना। जब … Read more